एक था वो झरोखा
देखने को जिससे मिलती
कभी कुछ नयी कभी कुछ पुरानी चीज़ें
कुछ रंगीन नज़ारे
कुछ हसीं पल
कभी थे अनजाने
कभी थे जाने पहचाने
यह जिंदगी का झरोखा था
कुछ बया न करने वाला
पल पल बदलता
और कहता यह हैं तुम्हारे देखने का नजरिया
एक था वो झरोखा
देखने को जिससे मिलती
कभी कुछ नयी कभी कुछ पुरानी चीज़ें
कुछ रंगीन नज़ारे
कुछ हसीं पल
कभी थे अनजाने
कभी थे जाने पहचाने
यह जिंदगी का झरोखा था
कुछ बया न करने वाला
पल पल बदलता
और कहता यह हैं तुम्हारे देखने का नजरिया